गुलाब के फूल खाने के फा
गुलाब के फूल सिर्फ नज़ाकत और महक के लिए नहीं जाने जाते, इनके स्वास्थ्य लाभ भी कम नहीं हैं। पुराने ज़माने में आयुर्वेद या यूनानी इलाज में इनका इस्तेमाल आम था। गुलकंद, गुलाब जल या पंखु़ियों के सेवन से शरीर को ठंडक मिलती है, साथ ही कई बीमारियों से छुटकारा भी। अब जान लेते हैं कि गुलाब के फूल खाने से क्या-क्या फायदे होते हैं।
1. हर सुबह पीने से पेट की तकलीफें कम होती हैं।
फूलों वाली गुलाब की खपत पाचन में सुधार करती है। भीतर छिपा प्राकृतिक रेशा कब्ज, गैस या अपच जैसी तकलीफों से निजात दिलाने में काम आता है। गुलकंद नियमित खाने से पेट में ठंडक बनी रहती है, साथ ही आंतों की सफाई भी हो जाती है। बार-बार कब्ज की शिकायत वालों के लिए गुलाब का फूल किसी उपहार से कम नहीं है।
2. गर्मी में शरीर का तापमान कम हो जाता है।
ठंडी तासीर वाला होता है गुलाब। गर्मियों में इसके फूल खाए जाएँ, या फिर गुलकंद का इस्तेमाल हो - शरीर से गर्मी धीरे-धीरे घटने लगती है। इससे लू लगने का डर कम हो जाता है। जब शरीर में भीतर तक गर्मी जमा हो चुकी होती है, तो वह बाहर निकलने लगती है। और फिर आदमी ऐसा महसूस करता है जैसे कुछ हल्कापन छा गया हो।
3. एक साफ़ चेहरे पर चमक आ जाती है।
फूलों में गुलाब ऐसा है जो खाने से त्वचा को चमक देता है। इसके अंदर मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को घातक फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं। मुंहासे, धब्बे और झुर्रियों पर काबू पाने में गुलाब का सेवन काम आता है। सौंदर्य उत्पादों में इसकी मौजूदगी इसलिए देखी जाती है।
4. थकान घटती है, मन प्रशांत होता है।
फूलों की खुशबू से मन शांत होता है, गुलाब इसमें और भी आगे है। खाने में लेने पर यह तनाव कम करता है, चिंता धीरे-धीरे घटती है। थकान ऐसे उतर जाती है जैसे छाया में बैठ गए हों। इसका असर दिमाग पर ठंढक वाला होता है, गहरी नींद को साथ लाता है। अगर नींद टूटती रहती है या डर लगता है रात में, तो यह फूल रोज़ियत में आना चाहिए।
5. एक मजबूत दिल की ओर प्राकृतिक रास्ता।
हृदय को स्वस्थ रखने में गुलाब का फूल हाथ बँटाता है। प्राकृतिक सुरक्षा देने वाले घटक खून के बहाव को सुधारते हैं, इसके साथ कोलेस्ट्रॉल पर भी अंकुश आता है। ऐसे में दिल की बीमारियों से बचने की संभावना बढ़ जाती है।
6. इम्युनिटी मजबूत हो जाती है।
फूलों की तरह गुलाब में भी विटामिन सी होता है, यह शरीर के अंदरूनी ढांचे को सहारा देता है। धीरे-धीरे इसकी आदत डालने से छोटी-छोटी बीमारियाँ घर के बाहर रहती हैं, सर्दी या खांसी का खतरा कम हो जाता है।
7. स्त्रियों को कुछ अलग सुविधाएँ मिलती हैं।
फूलों में गुलाब का खास असर महिलाओं पर पड़ता है। माहवारी में आने वाली तकलीफ, ऐंठन या थकान कम हो सकती है। इसके साथ-साथ हार्मोन्स का ठीक रहना भी इससे जुड़ा है।
8. दाँत साफ रखने में मदद मिलती है, साथ ही मुँह की बदबू से भी छुटकारा मिल सकता है।
मुंह की बदबू खत्म हो सकती है, अगर गुलाब के फूल का इस्तेमाल हो। मसूड़े मजबूत होते हैं, ऐसा भी कई बार देखा गया। छाले मुंह में जल्दी भर जाते हैं, थोड़ा सा इस्तेमाल करने पर।
गुलाब के फूल का सेवन कैसे करें
गुलकंद को अक्सर गरम दूध में मिलाकर पीया जाता है।
चाय में सूखे पंखुड़े डालने के बाद
शरबत बनाकर
में शहद को मिला दिया।
निष्कर्ष
फूलों में गुलाब की खूबसूरती सिर्फ़ नज़रों तक ही सीमित नहीं रहती। इधर पेट की बात हो, उधर चेहरे की चमक - ये हर मोर्चे पर आगे रहता है। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल करने पर यह शरीर को ठंढक देता है, ऊर्जा भी बनाए रखता है। एक बार जब आदत बन जाए, तो यह रोज़मर्रा की चीज़ों में घुल-मिल जाता है।

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